Vullapalli Rani

Vullapalli Rani

Vullapalli Rani studying in VIII class, MPUP School Kothagraharam, Nandigam Mandal enjoyed the atmosphere of the school and desired to have the same atmosphere in her house also. Then she insisted her parents to construct a toilet. But, the parents rejected the idea initially. Meanwhile the parents planned to buy a colour TV. Then this girl explained them that the TV can be useful only for entertainment and information. Instead, if we construct a toilet in our house, we can have privacy and keep our surroundings clean, and it also protects us from diseases and it also prevents open defecation.

In this way the little girl convinced the parents and finally got them to construct a toilet in their house.

After some time, their neighbors held discussions with the girl and the parents. She convinced and inspired all the neighbors. Soon they also realized the benefits and importance of having toilets and decided to construct toilets in their houses duly utilizing the government schemes. In no time, most of the families in the street have constructed toilets and going towards achieving the objective of Swachh Bharat Mission. Continuing the process, not only in the street, the entire village got inspired by this action and now most of the families have constructed toilets in their houses.

कामनी

कामनी

कक्षा = आठवीं A

शौचालय

मैं कक्षा 8 वीं में शा. पू. मा. शा. हरीजन मोहल्ला – घरघोड़ा में पढ़ती हूँ। मेरे विद्यालय में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग – अलग शौचालय है। हम सब बच्चे नियमित रूप से शौचालय का उपयोग करते हैं। शौचालय के उपयोग करने से मुझे अच्छा लगता है। अब हमने घर में भी शौचालय बना लिए हैं और घर में भी हम सब लोग इसका उपयोग करते हैं। शौचालय बन जाने के कारण मैं बहुत खुश हूँ।

सोनू कुर्रे,

सोनू कुर्रे,

कक्षा = 7 वींA

शौचालय

हमारे स्कूल में शौचालय है। हम सब शौचालय का उपयोग करते हैं। हम अपने माता पिता को घर में शौचालय बनवाने के लिए कहा। हमें बाहर शौच नहीं करना चाहिए। हमें बाहर जाने में परेशानी होती है। हमें शौचालय बनवाना चाहिए। शौच के बाद हमें हाथ साबुन से धोने चाहिए। शौचालय का हमें हमेशा उपयोग करना चाहिये।

नंदिनी,

नंदिनी,

कक्षा = 8 वाँ

शिक्षक उपलब्धता

मैं शासकीय मा. शा. हरिजन मोहल्ला घरघोड़ा में पढ़ती हूँ । मेरे स्कूल में चार शिक्षक हैं – २ शिक्षक व २ शिक्षिका हैं। सभी विषयों की पढाई नियमित रूप से होती है। मेरे स्कूल में शिक्षक की कमी नहीं है। पढाई के साथ – साथ अन्य गतिविधियाँ को भी नियमित रूप से किया जाता है। मैं मेरे स्कूल से बहुत खुश हूँ।